Thursday, 15 November 2012

खुदा का बहाना -


एक तेरी आँखों के लिए
तारों को तोडना था
चाँद की धुप में सुखाना था

एक तेरी मुस्कान के लिए
बर्फीली वादियों को कांटना था
सागर की लहरों को छिलना था

एक तेरी ज़ुल्फ़ के लिए
रात को उंडेलना था


बादलों में पिरोना था

एक तेरे होठों के लिए
झरनों का अंदाज़ निचोड़ना था
सुर्ख आफ़्ताब को डुबौना था

ये जहाँ तो बस एक बहाना था
खुदा को तेरा चेहरा बनाना था

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