पेड़ों की टहनी गिर के इशारा करती है
चलो यार, अरसा गुज़र गया
आज कल कांधो पर झूलने नहीं आते
चलो यार, अरसा गुज़र गया
आज कल कांधो पर झूलने नहीं आते
लम्बी खाली सडकें
ख़ामोशी से फुसफुसाती है
बहुत सी बातें करनी है तुम से
चलो एक long drive पे चलते हैं
ख़ामोशी से फुसफुसाती है
बहुत सी बातें करनी है तुम से
चलो एक long drive पे चलते हैं
हवाओं में तैरती आ रही कटी पतंग
मानो कह रही हो, लपक लो यार
बहुत खिंच लिया खुद को
अब थोड़ी ढिल भी दे दो
मानो कह रही हो, लपक लो यार
बहुत खिंच लिया खुद को
अब थोड़ी ढिल भी दे दो
वह तारों से भरा आसमान
हर रात आँखें टिमटिमा कर कहता है
कभी एक बार तो लौट आओ
मेरे आँचल में नींद गुज़ारने
मैंने कई कहानिया सजा रखी है तुम्हारे लिए
हर रात आँखें टिमटिमा कर कहता है
कभी एक बार तो लौट आओ
मेरे आँचल में नींद गुज़ारने
मैंने कई कहानिया सजा रखी है तुम्हारे लिए
यूँ ही कभी गलियों में
तो कभी किसी चौराहे पर
ज़िन्दगी अक्सर पुकारती है
हजारों चेहरे पहनकर
तो कभी किसी चौराहे पर
ज़िन्दगी अक्सर पुकारती है
हजारों चेहरे पहनकर
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