चहरे पे ना आ जाए
तुझे पाने की जुस्तजू
की जब तेरा ख्वाब आये
मैं नींद में रहूँ
होगी तेरी ना ही
मैं ये जानता हूँ
दुआओं में भी अक्सर
मैं ये सोचता हूँ
की जब तेरा जवाब आये
मैं नींद में रहूँ
तेरे अदब में ना हो
मुझसे गुस्ताख़ी कोई
आँखों से ना बोल दे
मेरी बेख़ुदी कहीं
तो जब सामने शराब आये
मैं नींद में रहूँ
तुझे पाने की जुस्तजू
की जब तेरा ख्वाब आये
मैं नींद में रहूँ
होगी तेरी ना ही
मैं ये जानता हूँ
दुआओं में भी अक्सर
मैं ये सोचता हूँ
की जब तेरा जवाब आये
मैं नींद में रहूँ
तेरे अदब में ना हो
मुझसे गुस्ताख़ी कोई
आँखों से ना बोल दे
मेरी बेख़ुदी कहीं
तो जब सामने शराब आये
मैं नींद में रहूँ
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